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सिविल प्रक्रिया संहिता 1908 के किसी उपबंध के अन्तर्गत न्यायालय द्वारा वाद हेतुक प्रकट नहीं होने के कारण वादपत्र नामंजूर किया जा सकता है-
  • A
    आदेश 7 नियम 11 (d)
  • B
    आदेश 7 नियम 11 (b)
  • C
    आदेश 7 नियम 11 (a)
  • D
    आदेश 7 नियम 11 (c)
2
एक न्यायालय वादपत्र को कब नामंजूर कर सकता है?
  • A
    जहाँ वाद विधि द्वारा बाधित है
  • B
    जहाँ वाद पत्र दो प्रतियों में नहीं है
  • C
    जहाँ वादी नियम-9 का अनुपालन नहीं करता है
  • D
    उपरोक्त सभी
3
वादपत्र कब नामंजूर किया जा सकता है ?
  • A
    जहाँ वादपत्र में के कथन से यह प्रतीत होता है कि वाद किसी विधि द्वारा वर्जित है
  • B
    जहाँ वाद-हेतुक प्रकट नहीं करता है
  • C
    जहाँ यह दो प्रतियों में नहीं भरा है
  • D
    उपरोक्त सभी
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जहाँ वाद पत्र नामंजूर कर दिया गया है वहाँ वादी उसी वाद-हेतुक पर नया वाद-
  • A
    उच्च न्यायालय की अनुमति से प्रस्तुत कर सकता है
  • B
    प्रस्तुत कर सकता है
  • C
    प्रस्तुत नहीं कर सकता है
  • D
    उपर्युक्त में से कोई नहीं
5
वे दस्तावेज जो वादी द्वारा वादपत्र के साथ अवश्य प्रस्तुत किए जाने चाहिए किन्तु उन्हें नहीं किया जाता, क्या उन्हें बाद में वादी की ओर से साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया जा सकता है?
  • A
    केवल वाद बिन्दु तैयार करने से पूर्व
  • B
    नहीं
  • C
    हाँ
  • D
    केवल अदालत की अनुमति से

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