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1
संपत्ति अन्तरण अधिनियम के तहत निम्न में से किस विषय में लंबित वाद का सिद्धांत प्रयोज्य नहीं है
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Aअवयस्क की संपत्ति
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Bन्यायालीय विक्रय
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Cविक्रय के उपरान्त संशोधन के द्वारा वाद पत्र में सम्मिलित संपत्ति
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Dउपरोक्त सभी
2
संविदा के विनिर्दिष्ट अनुतोष के ऐसे वाद, जो अचल सम्पत्ति के अन्तरण से संबंधित हैं, पर "वाद लंबन का नियम" लागू होगा| यह कथन-
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Aसत्य है
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Bअसत्य है
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Cप्रत्येक वाद के तथ्यों पर निर्भर करेगा
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Dअंशत: सत्य है
3
न्यायाधीन के सिद्धांत के अंतर्गत निम्नलिखित में से कौन सी शर्त पश्चातवर्ती वाद के स्थगन के लिये आवश्यक नहीं है?
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Aयह कि दूसरे वाद में पक्षकार समान है
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Bयह कि पूर्व वाद विदेशी न्यायालय में लंबित है
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Cयह कि जिस न्यायालय में पश्चातवर्ती वाद प्रस्तुत हुआ है वह ऐसे वाद में अनुतोष देने में सक्षम है
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Dयह कि वाद की विवादित विषय-वस्तु प्रत्यक्षत: और सारत: प्रथम वाद में विवाघ के समान है
4
कपटपूर्ण अन्तरण परिभाषित है-
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Aधारा 53 सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम
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Bधारा 19 सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम
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Cधारा 35 सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम
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Dधारा 21 सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम
5
सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम के अन्तर्गत, स्थावर संपत्ति का हर एक ऐसा अंतरण जो अंतरक के लेनदारों को विफल करने या उन्हें देरी कराने के आशय से किया गया है, होगा
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Aशून्यकरणीय
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Bआरंभत: शून्य
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Cशून्य
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Dइनमें से कोई नहीं
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