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1
भोग बंधक में बंधकदार सम्पत्ति का आधिपत्य ले लेता है | उसे भाटकों एवं अन्य लाभों को प्राप्त करने का अधिकार है-
  • A
    जब तक संविदा भंग नहीं की जाती
  • B
    जब तक बंधक धन अदा नहीं किया जाता
  • C
    तीस वर्षों की सुनिश्चित अवधि के लिये
  • D
    निन्यानवे वर्षों की सुनिश्चित अवधि के लिये
2
जब बंधककर्ता सम्पत्ति का कब्जा बंधकदार को यह अधिकृत करते हुए देता है कि वह सम्पत्ति पर कब्जा बंधक धन की अदायगी तक रखेगा और सम्पत्ति का किराया व लाभ प्राप्त करेगा | ऐसे बंधक को कहा जाता है:
  • A
    विलक्षण बंधक
  • B
    साधारण बंधक
  • C
    भोग बंधक
  • D
    अंग्रेजी बंधक
3
निम्नलिखित में से कौन सा भोगबंधक है?
  • A
    जहाँ बंधककर्ता सम्पत्ति का कब्जा परिदत्त किए बिना बंधक धन चुकाने के लिए स्वयं को आबद्ध करता है
  • B
    जहाँ बंधककर्ता बंधक धन का प्रतिसंदाय निश्चित तारीख को करने हेतु स्वयं को आबद्ध करता है
  • C
    जहाँ बंधककर्ता बंधक सम्पत्ति का कब्जा परिदत्त करता है, किन्तु बंधक धन प्रदाय होने तक सम्पत्ति से लाभ प्राप्त करता है
  • D
    उपर्युक्त में से कोई नहीं
4
निम्न में से किस बंधक में बंधककर्ता को बंधक संपत्ति का कब्जा बंधकदार को सुपुर्द करना आवश्यक है?
  • A
    भोग बंधक
  • B
    सशर्त विक्रय द्वारा बंधक
  • C
    अंग्रेजी बंधक
  • D
    विलक्षण बंधक
5
अ' ने 'ब' से ऐसी सम्पत्ति के हक विलेखों को मुंबई में निक्षेप करके कुछ धन उधार लिया जो संपत्ति भोपालपुरा में स्थित है| भोपालपुरा अधिसूचित शहर नहीं है| बंधक का मुंबई में रजिस्ट्रीकरण नहीं किया गया 'ब' ने बंधक सम्पत्ति के विक्रय के लिए वाद प्रस्तुत किया| यहां बंधक-
  • A
    अवैध है, क्योंकि विलेख रजिस्ट्रीकृत नहीं था
  • B
    अवैध है, क्योंकि सम्पत्ति मुम्बई में स्थित नहीं थी
  • C
    वैध है, क्योंकि मुम्बई से बाहर स्थित सम्पत्ति का बंधक मुम्बई में हक विलेखों के निक्षेप द्वारा किया जा सकता है
  • D
    वैध है, क्योंकि ऋण को चुकाने के लिये 'अ' का कोई व्यक्तिगत दायित्व नहीं था

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