Experience Shared by Jitendra Kumar
मैंने 2011 में Law की डिग्री प्राप्त की लेकिन मुझे अपने अंदर कुछ कमी महसूस होती रहती थी और वह कमी यह थी की मेरे मन में कई बार ऐसे प्रश्न उठते थे जिनका उत्तर मैं बहुत ही सरल भाषा में प्राप्त करना चाहता था उसके लिए मैं कई यूट्यूब के वीडियो देखता रहा लेकिन मैं उनसे संतुष्ट नहीं हो पा रहा था l उसके बाद सौभाग्यवश एक दिन यूट्यूब पर मुझे सर की एक वीडियो मिली और मुझे Judicial Competition Times के बारे में पता चला उस वीडियो को देखने के बाद मुझे लगने लगा की अब मेरी समस्या का समाधान हो जाएगा और सर से मिलने के बाद मेरे मन मस्तिष्क में उत्पन्न होने वाली सभी विधि से संबंधित दुविधा का समाधान हो गया क्योंकि सर हमारे भीतर उत्पन्न होने वाले विधि के संबंध में सभी प्रश्नों का बहुत ही सरल और उचित भाषा में समाधान कर देते हैं l मैं हिंदी माध्यम का छात्र रहा हूं इसीलिए मेरी अंग्रेजी भाषा पर पकड़ थोड़ी कमजोर थी सर ने हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में प्रश्नों को समझा कर न केवल प्रश्न का समाधान किया बल्कि मेरी अंग्रेजी भाषा में भी काफी सुधार करने में मेरी मदद की और अभी 1 वर्ष पूर्व सर ने एक नया एडवोकेसी बैच प्रारंभ किया जिसमें हम तैयारी करते हुए साथ-साथ कोर्ट में कैसे प्रैक्टिस की जाती है उन बारीकियों को वास्तविक केस फाइल के माध्यम से सीख रहे हैं और समय-समय पर सर हमें प्रोत्साहित और मार्गदर्शित भी करते रहते हैं l इसके लिए मैं सर के चरणों में अपना शीश झुकाकर उनको सादर नमन करता हूं और जीवन के अंत तक मैं उनका सदा आभारी रहूंगा l