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Question 1
MOST EXPECTEE
प्रत्येक दाण्डिक मामलों में मजिस्ट्रेट द्वारा अभियुक्त को दोषी करार करने के बाद दण्डादेश से पूर्व अभियुक्त की सुनवाई आवश्यक होगी :
  1. सही, बिना सुनवाई किये दण्डादेश पारित नहीं किया जा सकता
  2. गलत, समंस मामलों में आवश्यक नहीं है
  3. किसी भी मामले में आवश्यक नहीं है
  4. केवल सजा वारंट भेजने के पहले आवश्यक है
Question 2
MOST EXPECTEE
घ' को लूटने के लिए 'क', 'ख' और 'ग' पर विचारण चला एवं न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी ने दोषी ठहराया | क्या उन्ही तथ्यों पर इन्हीं आरोपी गण पर डकैती का आरोप लगाकर विचारण किया जा सकता है:
  1. अवैधानिकता होगी
  2. नहीं
  3. धारा 300 द.प्र.सं. बाधित करता है
  4. हाँ
Question 3
MOST EXPECTEE
धारा 302 द.प्र.सं. के अधीन शमन का प्रभाव उस अभियुक्त की :-
  1. उन्मोचन होगा
  2. दोषसिद्धि होगा
  3. मामला समाप्त होगा
  4. दोषमुक्ति होगा
Question 4
MOST EXPECTEE
क्या किसी व्यक्ति को जमानत पर छोड़ने के समय मजिस्ट्रेट द्वारा अधिरोपित कोई शर्त अपास्त या उपांतरित किया जा सकता है? यदि हाँ, तो किसके द्वारा एवं किस प्रावधान के तहत :
  1. सेशन न्यायालय द्वारा 465 द.प्र.सं. के तहत
  2. उच्च न्यायालय द्वारा धारा 482 द.प्र.सं. के तहत
  3. किसी न्यायालय द्वारा ऐसी शर्तों को अपास्त या उपांतरित नहीं किया जा सकेगा
  4. उच्च न्यायालय या सेशन न्यायालय द्वारा धारा 439 द.प्र.सं. के तहत
Question 5
MOST EXPECTEE
किसी अन्य विधि (भा.द.वि. को छोड़कर) के अन्तर्गत का अपराध यदि तीन वर्ष या इससे अधिक किन्तु सात वर्षों से अनधिक कारावास से दण्डनीय है तब :-
  1. असंज्ञेय एवं जमानतीय होगा
  2. संज्ञेय एवं जमानतीय होगा
  3. वह संज्ञेय एवं अजमानतीय होगा
  4. असंज्ञेय एवं अजमानतीय होगा