Unlock Complete Judiciary Test Series

Subscribe now for full access to all premium judiciary questions.

Question 1
MOST EXPECTED
सही उत्तर बताइए| महबूब शाह बनाम किंग एम्परर एक प्रमुख वाद है:-
  1. षड्यंत्र पर
  2. सदोष शब्दीकरण पर
  3. सामान्य उद्देश्य पर
  4. सामान्य आशय पर
Question 2
MOST EXPECTED
प' को एक बाघ उठा ले जाता है| यह जानते हुए कि यह सम्भाव्य है कि गोली लगने से 'प' मर जाए, किन्तु 'प' का वध न करने का आशय रखते हुए सदभावनापूर्वक 'प' के लाभ के लिए 'क' उस बाघ पर गोली चलाता है, जिससे 'प' को मृत्युकारक घाव हो जाता है| निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है:-
  1. क' को कोई बचाव उपलब्ध नहीं होगा, क्योंकि उसे ज्ञान था कि उसकी गोली से मृत्युकारक घाव हो सकता है|
  2. क' को व्यक्तिगत प्रतिरक्षा का बचाव उपलब्ध होगा
  3. क' भारतीय दण्ड संहिता की धारा 81 के अन्तर्गत आवश्यकता का बचाव प्राप्त कर सकता है
  4. क' भारतीय दण्ड संहिता की धारा 92 के अन्तर्गत आवश्यकता का बचाव प्राप्त कर सकता है
Question 3
MOST EXPECTED
एक विशिष्ट स्थान पर आग लग गई है| 'अ' ने इस आग को देखा और आग को फैलने से रोकने के लिए और मानव जीवन तथा सम्पत्ति की रक्षा के लिए दूसरों के घर गिरा दिए | इस मामले में :-
  1. अ' रिष्टि के अपराध का दोषी है, क्योंकि उसने दूसरों के घर गिरा दिए
  2. अ' आपराधिक रूप से दायी होगा, किन्तु उसे क्षमा कर दिया जाना चाहिए,
  3. अ' किसी अपराध के लिए दायी नहीं है, क्योंकि उसने यह कार्य अन्य व्यक्तियों और उनकी संपत्तियों को खतरनाक अपहानि से बचाने के लिए किया है,
  4. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Question 4
MOST EXPECTED
अ' पागलपन के कारण 'ब' के प्राण लेने का प्रयास करता है" 'ब' ने 'अ' को लोहे की छड से मारकर गंभीर रूप से आहत कर दिया| इस संबंध में कौन सी प्रस्थापना सही है:-
  1. ब' को प्राइवेट प्रतिरक्षा का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि 'अ' पागल है,
  2. ब' को प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार है, यघपि 'अ' पागल है
  3. ब', 'अ' को घोर उपहति कारित करने का दोषी है
  4. ब','अ' को साधारण उपहति कारित करने का दोषी है
Question 5
MOST EXPECTED
सामान्य आशय से अभिप्राय है:-
  1. दो या अधिक व्यक्तियों में आशय की समानता
  2. दो या दो से अधिक व्यक्तियों में एक सा आशय
  3. एक आशय के प्रति दो या अधिक व्यक्तियों में मानसिक सहमति का होना तथा एक दूसरे के प्रति उसमें सहभागिता
  4. दो या अधिक व्यक्तियों का एक ही आशय रखना