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1
प्रतिवादी से यह अपेक्षित है कि वह उस समन तामील किये जाने की तारीख से तीस दिन के भीतर अपना लिखित कथन प्रस्तुत करे, किन्तु यदि वह तीस दिन की उक्त अवधि के भीतर ऐसा करने में असफल रहता है तो उसको किसी ऐसे अन्य दिन जो न्यायालय द्वारा विनिर्दिष्ट किया जावे प्रस्तुत करने के लिये अनुज्ञात किया जायेगा किन्तु जिसकी अवधि अधिक नहीं होगी-
  • A
    90 दिनों से
  • B
    120 दिनों से
  • C
    60 दिनों से
  • D
    45 दिनों से
2
क' एक घर 'ख' को पाँच सौ रूपये वार्षिक भाटक के पट्टे पर देता है| सन 1905, 1906 और 1907 इन सभी पूरे वर्षों का भाटक शोध्य है और दिया नहीं गया है| 'क' सन 1908 में 'ख' पर केवल सन 1906 के शोध्य भाटक के लिए वाद लाता है| 'ख' के ऊपर 'क' उसके पश्चात्-
  • A
    केवल सन 1907 के शोध्य भाटक के लिए वाद ला सकेगा
  • B
    केवल सन 1905 के शोध्य भाटक के लिए वाद ला सकेगा
  • C
    सन 1905 और 1907 दोनों के शोध्य भाटक के लिए वाद ला सकेगा
  • D
    सन 1905 या सन 1907 के दोनों में से किसी के भी शोध्य भाटक के लिए वाद नहीं ला सकेगा
3
जहां प्रतिवादी तीस दिन की अवधि के अन्दर लिखित कथन प्रस्तुत करने में असफल रहता है, वहां उसे न्यायालय द्वारा लेखबद्ध कारणों से, विनिर्दिष्ट किये गये ऐसे किसी अन्य दिवस को लिखित कथन प्रस्तुत करने के लिये अनुज्ञात किया जायेगा | वह अवधि समंस के निर्वाह से-
  • A
    90 दिवस के पश्चात्
  • B
    120 दिवस के पश्चात्
  • C
    45 दिवस के पश्चात्
  • D
    60 दिवस के पश्चात्
4
"वाद कारणों का संयोजन" संहिता के किस प्रावधान में वर्णित है?
  • A
    आदेश 1 नियम 2
  • B
    आदेश 2 नियम 1
  • C
    आदेश 2 नियम 2
  • D
    आदेश 2 नियम 3
5
बहुरूपता का अर्थ है-
  • A
    पक्षकारों का कुसंयोजन
  • B
    वाद कारणों का कुसंयोजन
  • C
    वाद कारणों एवं पक्षकारों का कुसंयोजन
  • D
    पक्षकारों का असंयोजन

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