Judiciary Previous Paper
0+
Papers
0+
Students
1
यदि किसी दाण्डिक अपील में अभियुक्त की मृत्यु हो जाती है एवं उसके नजदीकी रिश्तेदार अपील को जारी रखना चाहते है, तो उन्हें कितनी अवधि के अन्दर आवेदन देना चाहिए :
-
Aतीस दिन
-
Bचार महीने
-
Cसाठ दिन
-
Dतीन महीने
2
विचारण न्यायालय अभियुक्त को दण्डित करने के उपरान्त उसे द.प्र.सं. की धारा 389(3) के अन्तर्गत कब जमानत पर रिहा कर सकता है:
-
Aयदि अभियुक्त जमानत पर है एवं उसे तीन वर्ष से अनधिक की सजा दी गई है
-
Bयदि अभियुक्त जमानत पर है एवं उसे पाँच वर्ष से अनधिक की सजा दी गई है
-
Cयदि अपराध अनन्य रूप से जमानतीय हो, चाहे अभियुक्त जमानत पर हो या नहीं
-
Dयदि अभियुक्त जमानत पर है एवं उसे सात वर्ष से कम की सजा दी गई है
3
गलत स्थान पर विचारण का क्या प्रभाव होगा :
-
Aउच्च न्यायालय को संदर्भित करना होगा
-
Bस्वयमेव विदूषित होगा
-
Cअपराध की गंभीरता देखनी होगी
-
Dविदूषित तभी होगा जब न्याय विफल हो
4
यदि कोई दण्डाधिकारी विधि द्वारा अधिकृत न हो तब किस स्थिति में उसके द्वारा की गई कार्यवाही विदूषित होगी :
-
Aद.प्र.सं. की धारा 176 के अन्तर्गत मृत्यु समीक्षा करता है
-
Bअभियुक्त का संक्षिप्त विचारण करता है
-
Cद.प्र.सं. की धारा 94 के अन्तर्गत तलाशी वारंट जारी करता है
-
Dद.प्र.सं. की धारा 306 के अन्तर्गत क्षमादान देता है
5
"वारंट मामला" में ऐसा मामला अभिप्रेत है :
-
Aजो दो वर्ष से अनधिक के कारावास से दण्डनीय किस अपराध से संबंधित है
-
Bजो मृत्यु, आजीवन कारावास या दो वर्ष से अधिक अवधि के कारावास से दण्डनीय किसी अपराध से संबंधित है
-
Cजिसमें पुलिस अधिकारी वारंट के बिना गिरफ्तार नहीं कर सकता है
-
Dजिसमें न्यायालय प्रथमत: अभियुक्त के विरुद्ध गिरफ्तारी का वारंट जरी करेगा
Question Palette
Unlock Premium Judiciary Features
Get unlimited access to all previous year papers, AI analytics, rank prediction, answer explanations, performance insights and premium judiciary tools.
Unlimited Questions
AI Performance Analytics
All Judiciary Previous Papers
Rank Prediction System