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1
सार्वजनिक पद के फायदों को बांटने का करार :-
  • A
    शून्य है
  • B
    विधिमान्य है
  • C
    शून्यकरणीय है
  • D
    उपर्युक्त में से कोई भी नहीं है |
2
प्रतिवादी पति वादी पत्नी को रु. 400 प्रतिमाह वादी के भारतीय दण्ड संहिता की धारा 494 के अधीन न्यायालय की सहमति से अभियोजन समाप्त करने के प्रतिफल के रूप में देने का वायदा करता है न्यायालय की सहमति से अपराध प्रशमित कर दिया गया तथा पति को दोषमुक्त कर दिया गया है | पत्नी द्वारा करार के प्रवर्तन की कार्रवाई में पति यह कहता है कि करार अभियोजन को दबा देने के लिए है| अत: विधि विरुद्ध है| उपर्युक्त के अनुसार निम्नलिखित में से कौन सा सही है:-
  • A
    आपराधिक मामले में प्रतिफल लेकर अभियोजन समाप्त करना लोकनीति के विरुद्ध है अत: पत्नी के विरुद्ध करार का प्रवर्तन नहीं कर सकती
  • B
    पत्नी-पति के विरुद्ध करार का प्रवर्तन करा सकती है क्योंकि करार अभियोजन को दबा देने के लिए नही अपितु न्यायालय की सहमति से शमनीय है तथा इस प्रकार प्रशमन किया गया है
  • C
    करार अभियोजन को दवा देने के लिए, अत: पति दलील अभिभावी होगी
  • D
    पत्नी पति के विरुद्ध करार का प्रवर्तन करा सकती है क्योंकि करार प्रतिफल द्वारा समर्थित है
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अपनी पुत्री के विवाह समारोह के लिए 'एक्स' ने एक टेंट हाऊस के शमियाना लगाने की संविदा की| विवाह के दिन उस क्षेत्र में कर्फ्यू लगा दिए जाने के कारण विवाह समारोह सम्पन्न नहीं हो सका| यदि शामियाने का मालिक 'एक्स' द्वारा करार किए गए संदेय प्रभार की मांग करता है तो :-
  • A
    एक्स' राज्य से नुकसानी का दावा भरने की मांग कर सकता है
  • B
    एक्स' को संविदा किया गया प्रभार देना होगा
  • C
    एक्स' को करार दिया गया प्रभार देने की आवश्यकता नहीं है | केवल युक्तियुक्त नुकसानी देनी होगी
  • D
    एक्स' को कुछ देने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि कर्फ्यू के कारण विवाह समारोह करना असंभव हो गया था
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विफलीकरण के सिद्धांत का आधार यह है कि:-
  • A
    शाब्दिक पालन अब भी संभव हो सकता है, परन्तु इसके पक्षकारों की मूल सामान्य परिकल्पना पूरी नहीं की जा सकती
  • B
    पक्षकारों में हुए करार की विवक्षा यह थी कि यदि संविदा का पालन करने पर वह उससे भिन्न होगा जो करार पाया गया था तो संविदा का पालन करना आवश्यक नहीं है
  • C
    जहाँ संविदा में निहित मूल उपधारणा असंभव हो जाती है, वहाँ उसका पालन माफ कर दिया जाता है
  • D
    पक्षकारों की दृष्टि से जो सारभूत उद्देश्य था वह प्राप्त नहीं किया जा सकता
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"यदि संविदा के पक्षकार संविदा को प्रतिस्थापित करने या उसे परिवर्तित करने या उसे विखंडित करने का करार करते है तो मूल संविदा का पालन आवश्यक नहीं है":-
  • A
    संविदा के नवीयन, विखण्डन तथा परिवर्तन के परिणाम से
  • B
    संविदा के किसी पक्षकार के प्रतिस्थापना से
  • C
    बिना प्रतिफल के संविदा प्रतिस्थापना से
  • D
    संविदा के एकपक्षीय परिवर्तन से

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