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1
भारतीय दण्ड संहिता की........'हत्या' को परिभाषित करती है :
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Aधारा 299
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Bधारा 300
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Cधारा 301
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Dधारा 302
2
जब उपहति साशय हो एवं प्रकृति के सामान्य अनुक्रम में मृत्यु कारित करने के लिए पर्याप्त हो तथा परिणामस्वरुप मृत्यु कारित हुई हो तो यह अपराध है :
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Aहत्या का प्रयास
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Bसदोष मानव वध जो हत्या की श्रेणी में नहीं आता हो
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Cहत्या
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Dघोर उपहति
3
धारा 300 के इस खण्ड में मृत्यु कारित करने का आशय आवश्यक नहीं है ?
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Aप्रथमत:
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Bद्वितीयत:
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Cतृतीयत:
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Dचतुर्थत:
4
निम्नलिखित में से किस महत्वपूर्ण मामले में सर्वोच्च न्यायालय में तीन न्यायाधीशों की पीठ से भा.द.सं. की धारा-300, तृतीय के सम्बंध में चार बिन्दु परीक्षण विहित किया है :
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Aबिरसा सिंह बनाम पंजाब राज्य, ए. आई. आर. 1958 एस. सी. 465
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Bउ. प्र. राज्य बनाम रमेश प्रसाद मिश्रा, (1996) 10 एस.सी.सी. 360
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Cके. एम. नानावटी बनाम महाराष्ट्र राज्य, ए.आई.आर. 1962 एस.सी. 605
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Dनेहरु उर्फ़ जवाहर बनाम स्टेट, ए.आई.आर. 2008 एस.सी. 2574
5
क' को 'म' गम्भीर और अचानक प्रकोपन देता है | 'क' इस प्रकोपन से 'म' पर पिस्तौल चलाता है जिसमें न तो उसका आशय 'य' का जो समीप ही है, किन्तु दृष्टि से बाहर है, वध करने का है और न वह यह जानता है कि संभाव्य है कि वह 'य' का वध कर दे | 'क' 'य' का वध करता है | 'क' दोषी है :
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Aहत्या का
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Bकेवल आपराधिक मानववध का
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Cहत्या के प्रयास का
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Dकिसी अपराध का नहीं क्योंकि उसका कृत्य सामान्य अपवाद के अन्तर्गत आता है
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