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1
निम्नलिखित में से किस मामले में म.प्र. उच्च न्यायालय की पूर्ण पीठ ने कहा है कि भूमिस्वामी के लिये खुला है कि वह या तो म.प्र.भू-रा.सं. की धारा-250 के तहत संक्षिप्त अनुतोष के लिये कार्यवाही करे या बिना इसके, सीधे अपने स्वत्व एवं कब्जे की घोषणा हेतु दीवानी न्यायालय में दावा लाए-
  • A
    रघुबर सिंह वि. म.प्र. राज्य, ए.आई.आर. 1971 एम.पी. 209
  • B
    रामगोपाल वि. चेतू बाटे, ए.आई.आर. 1976 एम.पी. 160
  • C
    म.प्र. वि. बलवीर सिंह, ए.आई.आर. 2001 एम.पी. 268
  • D
    ग्राम पंचायत वि. खुशाली, ए.आई.आर. 1973 एम.पी. 19
2
मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता (संशोधन) अधिनियम, 2001 के पश्चात् धारा 57 के अनुसार जहां कि उपधारा 1 के अधीन किसी विवाद के संबंध में राज्य सरकार एवं किसी व्यक्ति के मध्य विवाद उत्पन्न होता है तो ऐसा विवाद निराकृत किया जाएगा.......के द्वारा-
  • A
    उपखण्डीय पदाधिकारी
  • B
    कलेक्टर
  • C
    सिविल न्यायालय
  • D
    राज्य शासन
3
वह पक्षकार जिसके विरुद्ध उसकी अनुपस्थिति में एक राजस्व अधिकारी द्वारा आदेश पारित किया गया है, आदेश के दिनांक से और अगर सम्मन की तामील सम्यक् रूप से न की गई हो तो आदेश के जानकारी में आने के दिनांक से :
  • A
    साठ दिवस
  • B
    दो मास
  • C
    एक मास
  • D
    तीस दिवस
4
राजस्व निरीक्षक, भूमापक एवं पटवारी मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता के अधीन उनके कर्तव्यों से संबंधित कार्य करने के निमित्त किसी भवन या किसी निवासगृह से संलग्न किसी घेरा लगे हुए प्रांगण या उघोग में : की सम्पत्ति के बिना प्रवेश नहीं करेंगे |
  • A
    कलेक्टर
  • B
    तहसीलदार
  • C
    उसके वास्तविक स्वामी
  • D
    उसके अधिभोगी
5
म.प्र. भू-राजस्व संहिता, 1959 कब प्रभावशील हुई :
  • A
    1/10/1959
  • B
    1/11/1959
  • C
    2/10/1959
  • D
    1/11/1959

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