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1
ब' का 'अ' देनदार है| 'ब' वह ऋण 'स' को अन्तरित कर देता है| 'अ' से ऋण चुकाने लिये 'ब' तकाजा करता है| 'अ' को अन्तरण की यथाविहित सूचना धारा 131 सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम 1882 में नहीं मिली और वह 'ब' को संदाय कर देता यह संदाय है-
  • A
    वैध
  • B
    प्रवर्तनीय
  • C
    अवैध
  • D
    प्रवर्तनीय नहीं
2
ख' का 'क' देनदार है| 'ख' वह ऋण 'ग' को अन्तरित कर देता है|तब 'क' से ऋण चुकाने लिये 'ख' तकाजा करता है| 'क' को संपत्ति अन्तरण अधिनियम की धारा 131 में यथाविहित अन्तरण की सूचना नहीं मिली है और वह 'ख' को संदाय कर देता यह संदाय होगा-
  • A
    शून्यकरणीय
  • B
    विधिमान्य और 'ग' उस ऋण के लिए, 'क' पर वाद ला सकेगा
  • C
    शून्य
  • D
    विधिमान्य और 'ग' उस ऋण के लिए, 'क' पर वाद नहीं ला सकेगा
3
निम्नलिखित में से कौन एक युग्म सही सुमेलित नहीं है?
  • A
    पाशविक क्रेता द्वारा क्रमबन्धन - धारा 56
  • B
    स्थावर सम्पत्ति - धारा 2
  • C
    बन्धकित भरण - धारा 134
  • D
    भार - धारा 100
4
निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित है?
  • A
    धन का विनिमय - धारा 120
  • B
    सर्वस्व आदाता - धारा 128A
  • C
    बंधकित ऋण - धारा 134
  • D
    उपर्युक्त सभी
5
संपत्ति अन्तरण अधिनियम के अन्तर्गत निम्नलिखित में से कौन सही रूप से सुमेलित नहीं है?
  • A
    सर्वस्व आदाता - धारा 128
  • B
    बंधकदार का पुरोबंध का विक्रय अधिकार - धारा 67
  • C
    भागिक पालन का सिद्धांत - धारा 53A
  • D
    पाशविक क्रेता द्वारा क्रमबंधन - धारा 65

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